Thursday, March 30, 2023
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मध्यप्रदेश न्यूज़: मार्च महीने से वेतन न मिलने पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने किया काम बंद कर हड़ताल पर बैठेगे, कहा घर चलाने में हो रही है परेशानी

Madhya Pradesh breaking news: मार्च महीने से वेतन न मिलने पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने किया काम बंद, कहा घर चलाने में हो रही है परेशानी. मार्च/अप्रैल से वेतन का भुगतान नही हुआ घर चलाने में हो रही कठिनाइयो से परेशान होके सभी कार्यर्ताओ ने एकत्रित होके हड़ताल का भरा बिगुल और सरकार पर सिकंजा कसा.

हड़ताल की घोषणा

मध्य प्रदेश आंगनबाडी कार्यकर्ता और सहायिका संघ और मध्य प्रदेश मजदूर संघ ने हड़ताल की घोषणा की है दावा किया गया है कि 30 सितंबर को डेढ़ लाख से अधिक आंगनबाडी कार्यकर्ता और आंगनबाडी सहायिकाएं विरोध प्रदर्शन करेंगी

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओ को घर चलाने में हो रही है परेशानी

मध्यप्रदेश आंगनबाडी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ की प्रदेश महासचिव संगीता श्रीवास्तव एवं मध्यप्रदेश मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि अब पानी सर से ऊपर उठ गया है. अप्रैल-मई से वेतन नहीं मिला है। उन्हें जो मिल रहा है, वह टुकड़ों में दे भी रहे हैं. ऐसे में घर चलाना मुश्किल हो गया है। हम 30 सितंबर को सड़कों पर उतरेंगे। अगर फिर भी सरकार 15 दिनों के भीतर हमारी मांगों को नहीं मानती है तो हम उग्र प्रदर्शन करेंगे।

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आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओ की मांग

मध्यप्रदेश महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत सभी आंगनबाडी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं मिनी आंगनबाडी कार्यकर्ताओं को शासकीय कर्मचारी घोषित कर समस्त शासकीय सुविधाओं का लाभ प्रदान किया जाये। 500 बकाया राशि के साथ सरकार द्वारा भुगतान किया जाना है। केंद्र सरकार के समन्वय से राज्य सरकार आंगनबाडी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं मिनी आंगनबाडी कार्यकर्ताओं की भर्ती प्रक्रिया के नियमों में संशोधन करते हुए मानदेय या मानव सेवा के स्थान पर नियमित एवं सीधी भर्ती के नियम बनाये।

वेतन बढ़ाने और स्वास्थय बीमा करने भी की मांग

नियुक्ति प्रक्रिया में संशोधन होने तक आंगनबाडी कार्यकर्ता सहायिकाओं एवं मिनी आंगनबाडी कार्यकर्ताओं के मानदेय का भुगतान केन्द्र से निर्धारित गाइड लाइन को अतिरिक्त मानदेय में लागू कर दिया जाये. कार्यकर्ता/सहायक को कम से कम 10000/9000 रुपये का भुगतान किया जाना चाहिए। सभी आंगनबाडी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं मिनी आंगनबाडी कार्यकर्ताओं को विभाग की ओर से कम से कम 5 लाख रूपये का स्वास्थ्य बीमा दिया जाये तथा सभी आंगनबाडी कार्यकर्ता, सहायिका एवं मिनी कार्यकर्ता को आयुष्मान योजना की पात्रता में शामिल किया जाये.

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महिला एवं बाल विकास के अलावा किसी अन्य कार्य में ड्यूटी न लगाई जाए, जिसमें कार्यकर्ता, सहायिका एवं मिनी आंगनबाडी कार्यकर्ता अपने कर्तव्यों का पूर्ण निर्वहन कर सकें। ताकि जीवन से जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण सेवाएं प्रभावित न हों और हर गर्भवती, शिशु और बच्चों की उचित देखभाल हो और देश को एक स्वस्थ और आदर्श नागरिक मिल सके।

निजी भवन उपलब्ध करवाने की मांग

आंगनबाडी केन्द्रों तथा किराए के भवनों में संचालित किये जा रहे भवनों के लिए अधिक से अधिक भवन उपलब्ध कराये जाये। मौजूदा हालात को देखते हुए उनका किराया बढ़ाया जाए।

अन्य विभागों की तरह महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनबाडी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मिनी आंगनबाडी कार्यकर्ताओं को भी कम से कम 15 दिन की गर्मी की छुट्टी एक-एक कर उपलब्ध करायी जाये.

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पर्यवेक्षक के पद पर बिना किसी परीक्षा के सीधी भर्ती 10 वर्ष के अनुभव, शिक्षा एवं वरिष्ठता के आधार पर की जाये। मध्य प्रदेश के बाहर से आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। उत्तर प्रदेश में यह है प्रक्रिया, 10 मिनी आंगनबाडी केन्द्रों को पूर्ण केन्द्र बनाया जाये और सहायिकाओं की नियुक्ति के बाद ही नये केन्द्रों के लिये भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ की जाये तथा मिनी केन्द्रों को स्वीकार किये बिना ही पूर्ण केन्द्रों का संचालन किया जाये।

आजीविका का एक मात्र साधन

11 आंगनबाडी कार्यकर्ता, सहायिका बहनें, जब तक उन्हें सरकारी कर्मचारी घोषित नहीं किया जाता है, उन्हें सेवानिवृत्त नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि यही उनकी आजीविका का एकमात्र साधन है।

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