धर्म

Ayodhya Ram Mandir: अयोध्‍या में रामायण के समकालीन बनेंगे 7 मंदिर, 15 दिन में शुरू होगा निर्माण कार्य

Ayodhya Ram Mandir: पिछले कुछ दिनों पहले ही अयोध्‍या राम मंदिर में भव्‍य प्राण-प्रतिष्‍ठा समारोह का आयोजन हुआ था। जिसके बाद अब आगे का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। मंदिर के पहले चरण का कार्य लगभग पूर्ण होने ही वाला है। इसके पश्चात राम मंदिर के कई निर्माण कार्य भी करवाए जायेंगे। राम जन्मभूमि परिसर में सप्त मंडपम का निर्माण किया जाना है। यहां श्रीराम के समकालीन 7 पात्रों के मंदिर बनेंगे। इन मंदिरों को बनाने का कार्य 15 दिनों के अंदर शुरू हो जायेगा। इन मंदिरो में ‘जन-जन के राम’ की प्रतिमा नजर आएगी।

यह भी पढ़े:-Magh Purnima 2024: माघ पूर्णिमा पर शुभ मुहूर्त में करें पूजा, इन चमत्कारी मंत्र का करें जाप, भगवान विष्णु की बरसेगी कृपा

बनेंगे 7 बड़े मंदिर

आपको बता दें कि राममंदिर निर्माण कार्य समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कहा है कि मंडप बड़े-बड़े बनाये जायेंगे। साथ में ही इन मण्डपों के भीतर 7 मंदिरों का निर्माण किया जायेगा। इन मंडपम में महर्षि वाल्मीकि, महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, निषाद राज, माता शबरी व माता अहिल्या के मंदिर बनेंगे। क्योंकि यह सब प्रभु राम के जीवन से मुख्य रूप से जुड़े थे।

रामायण के ये 7 पात्र हैं खास

महर्षि वाल्‍मीकि ने रामायण महाकाव्‍य रचना की थी। उसमे इन 7 पात्रों का भी वर्णन किया था। ऋषि वशिष्‍ठ प्रभु राम के पिता राजा दशरथ के राजकुलगुरु थे और उन्‍होंने ही भगवान राम समेत चारों भाइयों को शिक्षा दी थी। साथ ही ऋषि विश्‍वामित्र राम-लक्ष्‍मण जनकपुर गए थे और स्‍वयंवर में धनुष तोड़कर जनकदुलारी सीता से विवाह रचाया था।

यह भी पढ़े:-Iphone की हेकड़ी निकालने आया Realme का 5G स्मार्टफोन, जानिए शानदार फीचर्स और लग्जरी कैमरा क्वालिटी

वहीं, महर्षि अगस्‍त्‍य की कुटिया में भगवान राम लंका पर विजय पाने से पहले उनके आश्रम रुके थे। इसके आलावा वनवास के समय रास्ते में पत्‍थर बनी देवी अहिल्‍या का प्रभु राम ने उद्धार किया था और माता शबुरी ने प्रभु राम को झूठे बेर खिलाये थे। इसके स्वरूप को लेकर मंथन हो रहा है।

विश्‍वस्‍तरीय होगा रामकथा संग्रहालय

रामकथा संग्रहालय का निरीक्षण नृपेंद्र मिश्र ने बुधवार को सरयू तट पर किया। इस संग्रहालय में राममंदिर बनाने के लिए 500 साल के संघर्ष की पूरी कहानी श्रद्धालु को बताई जाएगी। इसकी बैठक नृपेंद्र मिश्र ने पदाधिकारियों के साथ शामिल होकर की है। निरीक्षण के बाद कहा कि रामकथा संग्रहालय को विश्व स्तरीय स्वरूप देने की कवायद शुरू हो गई है। इसके आलावा रामजन्मभूमि परिसर की खोदाई के समय काफी सुरक्षित कार्य किये जायेंगे। इसी साल रामकथा संग्रहालय दिव्य-भव्य रूप में आकर्षण का केंद्र होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button