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Cucumber Farming: खीरे की खेती से किसान होंगे मालामाल, जानें इस खेती के लिए मिट्टी और किस्म

Cucumber Farming: खीरे की खेती से किसान होंगे मालामाल, जानें इस खेती के लिए मिट्टी और किस्म, भारत के किसानों को खीरे की खेती से सबसे ज्यादा मुनाफा प्राप्त होता है। ऐसे में गर्मी का मौसम लगभग निकट है। इन दिनों में खीरे की डिमांड सबसे ज्यादा होती है। इसलिए किसानों के लिए खीरे की खेती करना फायदे का सौदा है। खीरे में 96 प्रतिशत पानी होता हैं, जो गर्मी के मौसम में अच्छा होता है। ऐसे में अगर आप भी कम समय में मोटी आमदनी प्राप्त करना चाहते है तो खीरे की करना शुरू कर सकते है। इसकी बुवाई कर किसान कम लागत में बढ़िया मुनाफा हासिल कर सकते हैं। आइए जानते है खीरे की खेती के बारे में।

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खीरे की उन्नत किस्में

खीरे की खेती के लिए अगर किस्म की बात करें तो कई अलग-अलग तरह की किस्म मौजूद है। इसकी खेती के लिए उन्नत किस्में पूसा संयोग, पाइनसेट, खीरा-90, टेस्टी, मालव-243, गरिमा सुपर, ग्रीन लांग, सदोना, एनसीएच-2, रागिनी, संगिनी, मंदाकिनी, मनाली, यएस-6125, यूएस-6125, यूएस-249 आदि। खीरे की टॉप हाइब्रिड किस्में सबसे अधिक पैदावार देने वाली है।

खेती के लिए उर्वरक मिट्टी

खीरे की अगेती फसल के लिए बलुई या बलुई-दोमट मिट्टी अच्छी मानी जाती है। लेकिन अधिक उपज के लिए जीवांश युक्त दोमट मिट्टी उपयुक्त मानी जाती है। 5.5 से 6.8 पीएच मान वाली मिट्टी खेती के लिए उपयुक्त होती है। खीरे की अधिक पैदावार के लिए जल निकास का उचित प्रबंध होना चाहिए।

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खेती के लिए जलवायु

खीरे की खेती के लिए ठंडा वातावरण और नमी वाली भूमि होनी चाहिए। खीरे के लिए शीतोष्ण एवं समशीतोष्ण दोनों ही जलवायु अनुकूल होती है। फूल खिलने के लिए 13 से 18 डिग्री सेंटीग्रेट का तापमान उपयुक्त होता है। अच्छी पैदावार लेने के लिए मौसम का तापमान 18 से 24 डिग्री सेंटीग्रेट होना चाहिए। ज्यादा ठंड में खीरे की फसल खराब होने का अंदेशा बन जाता है।

खीरे का निराई और गुड़ाई समय

मुख्य रूप से खीरे की खेती के लिए समय ग्रीष्म ऋतु के लिए इसकी बुवाई फरवरी व मार्च के महीने में की जाती है। वर्षा ऋतु के लिए इसकी बुवाई जून-जुलाई में करते हैं। वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में इसकी बुवाई मार्च व अप्रैल माह में की जाती है।

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