Friday, September 30, 2022
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Fortune Global : भारत की LIC कंपनी निकली आगे रिलायंस को भी पीछे छोड़ा, भारत की 9 कंपनियों को मिली जगह |

Fortune Global : भारत की LIC कंपनी निकली आगे रिलायंस को भी पीछे छोड़ा भारत की 9 कंपनियों को मिली जगह हाल ही में शेयर बाजार में लिस्ट हुई एलआईसी का प्रदर्शन भले ही अब तक कुछ खास नहीं रहा है, लेकिन इसने फॉर्च्यून ग्लोबल 500 की सूची में अन्य सभी भारतीय कंपनियों को मीलों पीछे छोड़ दिया है। यहां तक ​​कि भारत की सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज भी एलआईसी से काफी पीछे है।

एलआईसी को मिला 98वां स्थान
फॉर्च्यून ग्लोबल 500 की सूची में पहली बार एलआईसी को जगह मिली है। इस बार लिस्ट में भारत की 9 कंपनियों को जगह मिली है. इनमें से 5 कंपनियां सरकारी हैं, जबकि बाकी 4 कंपनियां निजी हैं। राजस्व के आधार पर तैयार की गई इस सूची में एलआईसी को 98वां स्थान मिला है। कंपनी लगभग 97.27 अरब डॉलर के राजस्व और 553.8 मिलियन डॉलर के मुनाफे के साथ भारत में पहले स्थान पर रही है।

रिलायंस को मिला 104वां स्थान
फॉर्च्यून ग्लोबल 500 की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज भारत से दूसरे स्थान पर है। रिलायंस इंडस्ट्रीज पिछले 19 सालों से लगातार इस लिस्ट का हिस्सा है। वैश्विक आधार पर रिलायंस 93.98 अरब डॉलर के राजस्व और 8.15 अरब डॉलर के शुद्ध लाभ के साथ 104वें स्थान पर है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की रैंकिंग में पिछले साल की तुलना में 51 स्थान का सुधार हुआ है।

टाटा मोटर्स और टाटा स्टील को भी मिली जगह
LIC और Reliance Industries के अलावा, भारतीय कंपनियों में से जो इस सूची में जगह बनाने में सफल रही हैं, उनमें SBI बैंकिंग क्षेत्र का एकमात्र नाम है। SBI 17 पायदान की छलांग लगाकर 236वीं रैंक हासिल करने में कामयाब रहा है। वहीं, टाटा समूह की दो कंपनियों टाटा मोटर्स और टाटा स्टील को भी सूची में जगह मिली है। टाटा समूह की टाटा मोटर्स को 370वें स्थान पर रखा गया है। इसी तरह टाटा स्टील 435वां स्थान हासिल करने में सफल रही है।

इन सरकारी कंपनियों ने बनाई जगह
भारत से इस सूची में जगह बनाने में सफल कंपनियों में सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल 142वें स्थान पर है। कंपनी की रैंकिंग में एक साल पहले की तुलना में 28 स्थान का सुधार हुआ है। वहीं दूसरी ओर सरकारी स्वामित्व वाली एक अन्य कंपनी ओएनजीसी 190वीं रैंक हासिल करने के लिए 16 पायदान की छलांग लगाने में सफल रही है।

सार्वजनिक क्षेत्र में ही बीपीसीएल को 295वां स्थान मिला है। पिछले साल की तुलना में बीपीसीएल की रैंकिंग में 19 स्थान का सुधार हुआ है।

दोनों शीर्ष पदों पर अमेरिकी कंपनियां
लिस्ट में टॉप-5 कंपनियों में से दो अमेरिका की हैं, जबकि चीन की 3 कंपनियां टॉप-5 में जगह बनाने में कामयाब रही हैं। अमेरिकी रिटेलर कंपनी वॉलमार्ट लगातार 9वें साल इस लिस्ट में टॉप पर रही है। जेफ बेजोस की कंपनी अमेजन को दूसरा स्थान मिला है. यह अमेज़न की अब तक की सबसे अच्छी रेटिंग है।

इन चीनी कंपनियों ने दिखाया अपना जलवा
इस साल की सूची में चीन के स्टेट ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ चाइना को तीसरा स्थान मिला है, जबकि चाइना नेशनल पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन को चौथा स्थान मिला है। चीन का सिनोपेक समूह सूची में पांचवें स्थान पर है। सऊदी अरब के सऊदी अरामको को सूची में छठा स्थान मिला है। फोक्सवैगन, चाइना स्टेट कंस्ट्रक्शन इंजीनियरिंग, सीवीएस हेल्थ जैसी कंपनियों ने भी शीर्ष 10 में जगह बनाई है।

इस अवधि के दौरान सूची में शामिल 500 कंपनियों की कुल बिक्री 19% बढ़कर 37.8 ट्रिलियन डॉलर हो गई। यह किसी एक साल में शीर्ष 500 कंपनियों की बिक्री में सबसे प्रभावशाली वृद्धि है।