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Jackfruit Farming: कटहल की खेती कर कम समय में हो रही किसानों को बंपर कमाई, जानें खेती करने का तरीका

Jackfruit Farming: कटहल की खेती कर कम समय में हो रही किसानों को बंपर कमाई, जानें खेती करने का तरीका, भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहीं जाने वाली कृषि में किसान नए-नए नवाचार करके भले ही अपनी आमदनी दिन दुगुनी और रात चौगुनी कर रहे है आये जानते है अच्छी उन्नत किस्म से कटहल की खेती करने से ज्यादा पैदावार पर उपज होती है। खाने में बेहद ही स्वादिष्ठ होता है कुछ लोग तो इसका अचार भी बनाते है इसलिए इसकी मार्किट में डिमांड ज्यादा होती है। ऐसे में किसान को कटहल की खेती से अधिक आमदनी प्राप्त होती है। आइए जानते है कटहल की खेती के बारे में.

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आपको बता दे की कटहल में प्रचुर मात्रा में महत्वपूर्ण खनिज पदार्थ मौजूद होते हैं इसलिए इसे सुपरफूड भी कहा जाता है। इसके गूदे और बीजों को शीतल और पौष्टिक माना जाता है। इसमें मैग्नीशियम प्रचुर मात्रा में होता है, जो कैल्शियम के अवशोषण के लिए महत्वपूर्ण है और हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है और ऑस्टियोपोरोसिस जैसे हड्डियों से संबंधित विकारों को रोकता है।

कटहल की उन्नत किस्में

खजवा : इस किस्म के फल जल्दी पक जाते हैं। यह ताजे पके फलों के लिए एक उपयुक्त किस्म है।

स्वर्ण पूर्ति : यह सब्जी के लिए एक उपयुक्त किस्म है। इसका फल छोटा, रंग गहरा हरा, रेशा कम, बीज छोटा एवं पतले आवरण वाला तथा बीच का भाग मुलायम होता है। फलों का आकार गोल एवं कोये की मात्रा अधिक होती है।

उपयुक्त मिट्टी और जलवायु

कटहल की खेती किसी भी प्रकार की मिट्टी में की जा सकती है, लेकिन बलुई और दोमट मिट्टी को इसके लिए ज्यादा उपयुक्त माना गया है। कटहल को उष्णकटिबंधीय फल माना जाता है। मध्यम से अधिक वर्षा एवं गर्म जलवायु वाले क्षेत्र कटहल के खेती के लिए उपयुक्त होते है।

Jackfruit Farming: कटहल की खेती कर कम समय में हो रही किसानों को बंपर कमाई, जानें खेती करने का तरीका

खाद एवं उर्वरक

हम आपको बता दे की गोबर की सड़ी हुई खाद, 100 ग्रा. यूरिया, 200 ग्रा. सिंगल सुपर फास्फेट तथा 100 ग्रा. म्यूरेट ऑफ़ पोटाश प्रति वर्ष की दर से जुलाई माह में देना चाहिए।

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ऐसे करें खेती

किसान का कहना है कि जब हमने इस खेती की शुरुआत की थी तब इससे हमें लाखों में मुनाफा होता था, कटहल की खेती करने के लिए पके हुए फल के बीज को मिट्टी में रोपण करें। इसकी खेती का उचित समय जून या जुलाई में होता है। मिट्टी में गोबर की सड़ी खाद को बराबर मात्रा में मिलाकर बुवाई करे. मिट्टी में 4-5 सें.मी. गहराई पर बुआई कर देना चाहिए। बीज रोपण के बाद इसमें 6 साल बाद फल लगना शुरू हो जाता है। अगर आप समय-समय पर फल लेना चाहते है तो हर 8 महीने बाद ग्राफ्टिंग के द्वारा तैयार करके 3 से 4 साल में फल ले सकते है।

कटहल की खेती से कमाई

कटहल की खेती कर कम समय में हो रही किसानों को बंपर कमाई, जानें खेती करने का तरीका, अगर आप कटहल की खेती एक हेक्टेयर में करते है तो आपको लगभग 40,000 रुपये की लागत लगती है। इसके बाद 4 से 5 वर्ष बाद कटहल से प्रति वर्ष एक हेक्टेयर से करीब 2 लाख रुपये की आमदनी होती है। एक बार इसकी खेती करने के बाद प्रति वर्ष आमदनी में बढ़ोतरी होती रहती है। इस तरह से हर साल ज्यादा फल की प्राप्ति होती है जिससे किसान को हर साल मोटी कमाई होती है।

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