कम लागत पर कमाना है लाखों तो शुरू करें ये खेती, बाजार में बढ़ी लेमन ग्रास की डिमांड

Written by Ankita

Published on:

Lemon Grass Farming: कम लागत पर कमाना है लाखों तो शुरू कर ये खेती, बाजार में बढ़ी लेमन ग्रास की डिमांड, लेमनग्रास की खेती करके किसानों की बेहद अच्छी कमाई हो रही है. इस खेती के लिए आपको कुछ चीजों के बारे में जानकारी होना चाहिए। लेमनग्रास के पत्ते और खुशबूदार तने का प्रयोग क‍िया जाता है. औषधीय उद्योगों में इसकी मांग काफी है. इसकी खेती के ल‍िए अच्छी जल निकासी वाली दोमट मिट्टी बेहतर रहती है. लेमनग्रास में कई प्रकार के गुण पाए जाने के कारण बाजार में इसकी डिमांड बढ़ रही है. इसलिए इस फसल से किसानों की मोटी कमाई हो रही है। तो आइये जानते है लेमनग्रास की खेती के बारे में।

यह भी पढ़े:-दीपक की लौ से बनने वाली आकृति में छिपे है रहस्य्मयी संकेत, जानिए क्या है दीपक का किस्मत से कनेक्शन

इस खेती के लिए 20 से 30 डिग्री सेल्सियस तापमान जरूरी

लेमनग्रास की खेती के लिए 20 से 30 डिग्री सेल्सियस तापमान होना अच्छा रहता है. लेमन घास की खेती लगभग सभी प्रकार की भूमि की जा सकती है। दोमट उपजाऊ मिट्टी अधिक अच्छी होती है, लेकिन लेमन घास को बालू युक्त चिकनी मिट्टी, लेटेराईट एवं बारानी क्षेत्रों में भी उपजाई जा सकती है। 6 से 7 के बीच pH लेवल वाली मिट्टी इसकी खेती के ल‍िए अच्‍छी मानी जाती है. लेमनग्रास के पत्ते और खुशबूदार तने का उपयोग क‍िया जाता है. लेमनग्रास की मांग औषधीय उद्योगों में लगातार बढ़ रही है.

ज्यादा बारिश वाले जगह होगी खेती

लेमनग्रास की खेती शुरू करने से पहले मौसम विभाग द्वारा दी गई जानकारी का और बाजार में ग्राहक, लेमनग्रास की मांग और प्रतिस्पर्धियों की स्थिति का अध्ययन करें. इस फसल के लिए स्थायी और लाभदायक बाजार ढूंढना जरूरी है. इसकी खेती धुप और तेज बारिश वाले इलाको में अच्छी होती है. इसकी पैदावार के लिए पोषक तत्वों से भरपूर मिट्टी होना जरूरी है. इसलिए लेमनग्रास खेती करने से पहले आप जलवायु के बारे में सारी जानकारी लें.

बढ़ी लेमनग्रास की ड‍िमांड

बाजार या मंडी में इन दिनों लेमनग्रास की ड‍िमांड काफी ज्यादा बढ़ गई है. यह एक ऐसी फसल है जिसकी पैदावार कम होती है और डिमांड ज्यादा होती है. क्योंकि लेमनग्रास के पत्ते कई बीमारियों के लिए फायदेमंद है. इसका सेवन करने से वजन कम करने में मदद मिलती है. बदलती लाइफस्टाइल के बीच लेमनग्रास की डिमांड भी बढ़ रही है.

ऐसे करें खेती की शुरुआत

लेमन ग्रास की खेती करने का सबसे अच्छा समय फरवरी से जुलाई के बीच है. इस खेती को करने के लिए आपको सबसे पहले खेत की मेड़ तैयार करनी होगी. इसके बाद लेमनग्रास के बीजों को मेड़ के बिच में रोपण किया जाता है. अब इसमें हर 15 द‍िन के अंदर पानी देना जरूरी होता है. ऐसा आपको 30 दिनों तक करना होता है. ताकि इसकी पैदावार अच्छी होने लगे. एक बार लगाने के बाद इसकी छह से सात बार कटाई की जा सकती है. एक साल में तीन से चार बार कटाई होती है. लेमन ग्रास लगाने के 3 से 5 महीने बाद इसकी पहली कटाई की जाती है

लेमनग्रास का इस्तेमाल

लेमनग्रास की मार्केट में ड‍िमांड ज्यादा होने के कारण दाम भी ज्यादा ही है. लेमनग्रास को बेचकर अधिक पैसा कमा सकते है. इसकी पत्तियों की डिमांड रेस्टोरेंट, अखाड़ा, फूड बेवरेज इंडस्‍ट्री और अन्य खाद्य व्यवसायों में ज्‍यादा है. लेमनग्रास की पत्तियों को सुखाकर चाय की पत्‍त‍ियों में मिलाकर सेवन किया जाता है. लेमनग्रास का तेल भी बहुत फायदेमंद होता है. इसके तेल का इस्‍तेमाल करने से स्‍क‍िन से जुड़ी परेशानी में राहत म‍िलती है.

यह भी पढ़े:-PM Kisan Yojana: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े लाभार्थियों को 16वीं किस्त का इंतजार, आइये जाने डिटेल

लेमनग्रास से मोटी कमाई

लेमनग्रास की खेती से आप सिर्फ एक हेक्टेयर से ही साल भर में करीब 4 लाख रुपये तक का मुनाफा कमा सकते हैं इसकी खेती से ज्यादा लाभ होता है. इस लेमनग्रास को बेचने के लिए आपको बाजार में अच्छी पहचान और समझ होना जरूरी है. बाजार में लेमन ग्रास का तेल 1500 रुपये लीटर तक ब‍िक जाता है. इस प्रकार आप हर महीने मोटा मुनाफा कमा सकते हैं.

Leave a Comment