Friday, September 30, 2022
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Lifestyle: Covid 19 की वजह से कई लोगों की स्वाद और गंध जाने का बढ़ा खतरा, एक स्टडी में बड़ा खुलासा

Lifestyle: Covid 19 की वजह से कई लोगों की स्वाद और गंध जाने का बड़ा खतरा, एक स्टडी में बड़ा खुलासा कोविड संक्रमण से उबरने के बाद अधिकतर लोगों का स्वाद और गंध पहचानने की क्षमता कुछ सप्ताह में ही वापस आ जाती है. हालांकि, कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जिन्हें लंबे समय तक यह परेशानी झेलनी पड़ती है|

Covid-19 Side Effects: दुनियाभर में करीब 3 साल से कोविड-19 का कहर चल रहा है. अब तक करोड़ों लोग इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं और लाखों लोगों की जान जा चुकी है. देश में पिछले कुछ सप्ताह से कोरोना की रफ्तार एक बार फिर बढ़ गई है. तेजी से लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो रहे हैं. संक्रमण की चपेट में आने पर कई लोगों का स्वाद और सूंघने की क्षमता चली जाती है. आसान भाषा में कहें तो ऐसे लोग किसी चीज को खाकर उसका स्वाद (Taste) नहीं बता सकते और उन्हें किसी भी चीज की गंध (Smell) नहीं आती. करीब 50% मामलों में ऐसे लक्षण देखने को मिलते हैं. कोविड को लेकर एक हालिया स्टडी ने कुछ लोगों की नींद उड़ा दी है. इस बारे में विस्तार से जान लेते हैं|

लाइफ की क्वालिटी होती है प्रभावित
स्टडी के मुताबिक गंध और स्वाद का सीधा कनेक्शन हमारी इमोशनल हेल्थ से होता है. जब लोग इस तरह की परेशानी से जूझते हैं तो उनकी लाइफ की क्वालिटी पर नेगेटिव असर पड़ता है. यह परेशानी हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में कई परेशानियों की वजह बन जाती है. इस स्टडी से पता चला है कि 6 महीने में अधिकांश मरीज़ कोरोना के इस साइड इफेक्ट से उबर गए. शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं में गंध और स्वाद की भावना जल्द ठीक होने की संभावना कम थी. करीब 40% लोगों को कोरोना के बाद इस तरह के लक्षण दिखाई दिए.

स्टडी में सामने आई चौंकाने वाली बातें
मेडिकल न्यूज़ टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, कोविड-19 संक्रमण को लेकर एक हालिया स्टडी सामने आई है, जिसमें खुलासा हुआ है कि इस वायरस की चपेट में आने वाले 5% लोगों का स्वाद और सूंघने की क्षमता कई महीनों तक वापस नहीं आती. एक मरीज तो 27 महीने तक स्मेल और टेस्ट को रिकवर नहीं कर पाया. हालांकि ज्यादातर लोगों की यह समस्या महज कुछ महीनों में ही सही हो गई. शोधकर्ताओं का कहना है कि लाखों लोग कोरोना की वजह से इन परेशानियों का सामना कर रहे हैं. बड़ी संख्या में लोगों को स्मेल जाने के बाद ऐसा लगता है कि टेस्ट भी चला गया है लेकिन ऐसा नहीं है.