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Mushroom Farming: मशरूम की खेती से डबल होगी किसानों की आय, यहां पढ़िए पूरी जानकारी

Mushroom Farming: मशरूम की खेती से डबल होगी किसानों की आय, यहां पढ़िए पूरी जानकारी, किसान भी अब अपनी कमाई बढ़ाने के लिए पारंपरिक फसलों की जगह पर अधिक कमाई देने वाली फसलों पर जोर दे रहे हैं. इसी क्रम में मशरूम की खेती (Mushroom Ki Kheti) किसानों के लिए कमाई बढ़ाने वाली साबित हो रही है, मशरूम में प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट की तुलना में फैट बहुत कम है। पहले, मशरूम का उपभोग केवल कुछ देशों तक सीमित था। लेकिन अब लगभग हर क्षेत्र में इसकी खपत बढ़ती जा रही है। 

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कृषि वैज्ञानिकों ने मशरूम की नई किस्म विकसित है. इस किस्म की खासियत है कि यह जल्द खराब नहीं होती है. इससे किसानों की कमाई बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसलिए इसकी खेती करने वाले किसानों को भी अच्छे मुनाफे मिल रहे हैं। यही कारण है कि अगर आप भी मशरूम की खेती कर लाभ कमाना चाहते हैं तो आज हम आपको इस लेख के माध्यम से मशरूम उत्पादन के आसान तरीके के बारे में जानकारी देंगे। 

बिना खेत के की जा सकती है अच्छी पैदावार

हम आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मशरूम उगाने के लिए खेत या जमीन की आवश्यकता नहीं होती। यह कमरे में उगाया जा सकता है या बांस की झोपड़ी में भी उगाया जा सकता है। भारत में हर साल 1.44 लाख मीट्रिक टन मशरूम बनाया जाता है। देश में मशरूम की मांग लगातार बढ़ी है। भविष्य में इस मांग को पूरा करने के लिए और अधिक मशरूम की जरूरत होगी। 

इस दौरान उन्होंने कहा कि मशरूम एक ऐसा व्यवसाय है जिसे भूमिहीन, शिक्षित, अशिक्षित, युवक व युवतियां सभी रोजगार के रूप में अपना सकते हैं. भारत में केवल 5 राज्य देश की 75% मशरूम उत्पादन करते हैं। इनमें उत्तराखंड, हरियाणा, ओडिशा, महाराष्ट्र और बिहार शामिल हैं। बिहार 10.82% मशरूम उत्पादन के साथ देश में पहला राज्य है।

Mushroom Farming: मशरूम की खेती से डबल होगी किसानों की आय, यहां पढ़िए पूरी जानकारी

किस मौसम में की जाती है मशरूम की खेती? 

मशरूम उगाने के लिए कुछ रसायन गेहूं या चावल के भूसे में मिलाकर खाद बनाया जाता है। खाद बनाने में एक महीना लगता है। मशरूम के बीजों को रोपा जाता है, जिसे स्पॉनिंग भी कहा जाता है, इसके बाद किसी सख्त जगह पर 6-8 इंच मोटी परत लगाई जाती है। खाद बीजों को ढक देता है। इस विधि से मशरूम की बुवाई करने के बाद मशरूम 40 से 50 दिनों में काटने और बेचने के लिए तैयार हो जाता है। 

हम आपको बता दें कि मशरूम की खेती खुले में नहीं की जाती इसके लिए छायादार स्थान चाहिए। यह एक कमरे या झोपडी में भी आसानी से किया जा सकता है। मशरूम की खेती का व्यवसाय बहुत फायदेमंद है। ऐसे में मशरूम की खेती का व्यवसाय काफी अच्छा हो सकता है। आप जल्द ही इसमें करोड़पति बन सकते हैं।

मशरूम की खेती में देखभाल कैसे की जाती है?

मशरूम की खेती में बहुत अधिक देखभाल की आवश्यकता होती है। तापमान खेती के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। 15–22 डिग्री सेल्सियस में उगाया जा सकता है। 

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आये जानते है अधिक तापमान फसल को खराब कर सकता है। खेती के लिए 80 से 90% आर्द्रता होनी चाहिए। अच्छे मशरूम उगाने के लिए अच्छी खाद चाहिए। खेती के लिए पुराने बीज न लें, क्योंकि इससे उत्पादन प्रभावित होता है। ताजे मशरूम अधिक महंगा है। तैयार होने के बाद इसे बेचने के लिए ले जाएं।

इसकी खेती के लिए कितने स्थान की आवश्यकता होती है? 

मशरूम की खेती से डबल होगी किसानों की आय, यहां पढ़िए पूरी जानकारीअगर आप मशरूम की बड़े पैमाने पर खेती करने की योजना बना रहे हैं तो बेहतर होगा कि एक बार इसकी अच्छे से ट्रेनिंग ले लें। जगह की बात करें तो प्रति वर्ग मीटर 10 किलो मशरूम आसानी से उगाया जा सकता है। कम से कम 40×30 फीट की जगह में तीन फीट चौड़े रैक बनाकर मशरूम उगाए जा सकते हैं। इससे आप अच्छा मुनाफा कमा सकते है। 

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