Thursday, September 29, 2022
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नाग पंचमी की पूजा करने के लिए जाने शुभ महूर्त पूजा विधि और महत्त्व…

Nag Panchami 2022: हिन्दू पंचांग के अनुसार आज सावन मास की पंचमी तिथि है और इसी तिथि को नाग पंचमी का पर्व मनाया जा रहा है. नाग पंचमी को नाग देवता की पूजा की जाती है। यह दिन पूरी तरह से नाग देवता को समर्पित है। नाग पंचमी पर केवल नाग देवता की पूजा करने से व्यक्ति की कुंडली में मौजूद कालसर्प दोष समाप्त हो जाता है। मान्यता है कि नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं अवश्य पूरी होती हैं। प्राचीन काल से ही नागों को देवताओं की तरह पूजा जाता रहा है। ऐसा माना जाता है कि सांप की पूजा करने से सांप के काटने का डर खत्म हो जाता है। नाग देवता को भी भगवान भोलेनाथ के गले में लपेटा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा करने से भक्तों को आशीर्वाद और कई अन्य शुभ फल मिलते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं नाग पंचमी की तिथि, पूजा विधि और महत्व के बारे में…

नाग पंचमी 2022 कब है?
2 अगस्त 2022 को श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पड़ रही है. ऐसे में इस बार नाग पंचमी 02 अगस्त को मनाई जाएगी.

नाग पंचमी 2022 शुभ मुहूर्त
नाग पंचमी 2022 तिथि की शुरुआत- 02 अगस्त सुबह 5:13 बजे से
नाग पंचमी 2022 तिथि समाप्त – 03 अगस्त सुबह 05:41 बजे
नाग पंचमी 2022 पूजा का शुभ मुहूर्त- 02 अगस्त सुबह 5:43 से सुबह 8.25 बजे तक

नाग पंचमी पूजा विधि
नाग पंचमी के दिन अनंत, वासुकी, पद्म, महापद्म, तक्षक, कुलीर, करकट, शंख, कालिया और पिंगल नाम के देवताओं की पूजा की जाती है। ऐसे में इस दिन घर के दरवाजे पर आठ सांपों को बनवाएं.

फिर हल्दी, रोली, चावल और फूल चढ़ाकर नागदेवता की पूजा करें। मिठाई चढ़ाकर नाग देवता की कथा अवश्य पढ़ें। पूजा के बाद कच्चे दूध में घी, चीनी मिलाकर लकड़ी पर रखे सांप को अर्पित करें.

नाग पंचमी पूजा का महत्व
मान्यताओं के अनुसार नाग पंचमी के दिन नागों की पूजा करने से जीवन के कष्टों का नाश होता है। वांछित परिणाम प्राप्त होता है। यह भी कहा जाता है कि यदि कोई व्यक्ति इस दिन नागों के दर्शन करता है तो यह बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन नागों को स्नान कराकर दूध पिलाने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।