Thursday, September 29, 2022
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Nag Panchami Special:नागपंचमी को करे इस मुहूर्त में पूजा,मुक्ति मिलेगी कालसर्प दोष और विषयोग से,जानिए

Nag Panchami Special:नागपंचमी को करे इस मुहूर्त में पूजा,मुक्ति मिलेगी कालसर्प दोष और विषयोग से,सावन माह में आने वाले प्रत्येक त्योहार का विशेष महत्व होता है. ये महीना पवित्र माना जाता है. इस महीने में सोमवार व्रत, मंगला गौरी व्रत और हरियाली तीज समेत नाग पंचमी जैसे खास त्योहार आते हैं. पंचांग के अनुसार श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी के पर्व के रूप में जाना जाता है. इस साल नाग पंचमी 2 अगस्त को मनाई जाएगी.  इस दिन उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र दिन में तीन बजकर 47 मिनट तक पश्चात हस्त नक्षत्र है.  इसी प्रकार शिव योग शाम बजकर 53 मिनट तक विद्यमान है. आइए जानते है नाग पंचमी का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि- महत्व….

नाग पंचमी  
नाग पंचमी मंगलवार, 2 अगस्त 2022

कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए पूजा सामग्री

पूजा में भगवान शिव के रुद्राभिषेक के लिए- दूध, दही, घी, शहद, पंचामृत और श्रृंगी की जरूरत होती है. इसके साथ ही पान, सुपारी, धूप, कपूर, चंदन, इत्र, फूल, बेलपत्र, दीपक, नारियल, हल्दी, आटा, चावल, भांग, फल, धतूरा, और मिठाई चाहिए।

कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए पूजा
कुंडली में मौजूद कालसर्प दोष के निवारण के लिए भगवान शिव का रुद्राभिषेक करने से लाभ मिलता है. इसके साथ ही आप कुछ और उपायों को भी कर सकते हैं।

विषयोग हो तो करें ये उपाय
शिव जी के ऐसे मंदिर में जाएं जिसमे शिवलिंग पर सर्प का छत्र हो. फिर शिवलिंग पर पंचामृत ऐसे अर्पित करें कि वो नाग पर होता हुआ शिवलिंग पर पहुंचे.इसके बाद गंगाजल की धारा अर्पित करते जाएं. इस समय शिव तांडव स्तोत्र या “ॐ नमो नीलकंठाय” का जाप करते जाएं. ऐसा करने से सभी दुष्ट योगों का प्रभाव समाप्त हो जाएगा।

काल सर्प दोष के निवारण के उपाय
चांदी के नाग-नागिन का जोड़ा बनवाकर उनका पूजन करें और फिर जल में प्रवाहित कर दें।
अगर आप चांदी के नाग-नागिन का जोड़ा नहीं बनवा सकते, तो नारियल पर जोड़ा बनाकर उसे मौली में लपेटकर जल में प्रवाहित कर दें. 
सपेरे से नाग-नागिन का जोड़ा लेकर उन्हें जंगल में छोड़ दें. 
भगवान शिव के मंदिर में पूजा करवाकर वहां नाग चढ़ाएं. 
सर्प गायत्री मंत्र का जाप करें।

नाग पंचमी पर पूजा करने का सही तरीका
नाग पंचमी के दिन नाग देवता का पूजन किया जाता है. इस दिन कई लोग भगवान शिव की कृपा पाने के लिए व्रत भी करते हैं. जो जातक कल सर्प दोष निवारण की पूजा कराना चाहते हैं उन्हें एक दिन पहले चतुर्थी के दिन व्रत शुरू करना चाहिए. नाग पंचमी पर पूरे दिन उपवास रखने के बाद शाम के समय भोजन ग्रहण करना चाहिए. नाग देवता की पूजन करने के लिए एक चौकी लें और उस पर लाल रंग का कपड़ा बिछाकर नाग देवता की तस्वीर स्थापित करें. इसके बाद नाग देवता को हल्दी, रोली और चावल का तिलक लगाए. फिर फूल चढ़ाएं और दीपक जलाएं. नाग देवता को कच्चा दूध और चीनी का भोग लगाए. इस दिन नाग पंचमी की कथा और नाग देवता की आरती करना न भूलें।

नाग पंचमी की पूजा का शुभ मुहूर्त
इस साल नागपंचमी 02 अगस्त 2022 को तिथि पूरे दिन और पूरे रात रहेगी. इस दिन पंचमी तिथि प्रात:काल 05:43 बजे से प्रारंभ होकर अगले दिन 03 अगस्त 2022 को सायंकाल 05:43 बजे तक रहेगी. नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा के लिए सबसे उत्तम समय प्रात:काल 05:43 बजे से लेकर 08:25 बजे तक रहेगा. इस तरह नाग पंचमी के दिन लगभग पौने तीन घंटे पूजा का शुभ मुहूर्त रहेगा. पंचांग के अनुसार इस साल नाग पंचमी के दिन शिव योग और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र रहेगा जो कि अत्यंत ही शुभ है।

नाग पंचमी व्रत और पूजन विधि
नागपंचमी व्रत के देव 12 नाग माने गए हैं.  व्रत करने वाले चतुर्थी के दिन एक टाइम का भोजन करें. पंचमा के दिन व्रत करके शाम को अन्न ग्रहण करें.  पूजा करने के लिए नाग फोटो या मिट्टी की सर्प मूर्ति को चौकी के ऊपर रखें. उसके बाद पूजा करें.  सर्प देवता को हल्दी, लाल सिंदूर, अक्षत और पुष्प अर्पित करें.  पूजा करने के बाद आरती करें और कथा सुनें।

नाग पंचमी पूजा मूहूर्त 

5:43 बजे सुबह से 8:25 बजे सुबह तक
अवधि – 02 घण्टे 42 मिनट्स
पंचमी तिथि प्रारम्भ -अगस्त 02, 2022 को 05:13 बजे सुबह से
पंचमी तिथि समाप्त -अगस्त 03, 2022 को 05:41 बजे सुबह
नाग पंचमी के दिन अनन्त, वासुकि, महापद्म, पद्म, कुलीक, तक्षक, कर्कट और शंख नाग की पूजा करने का विधान है।

मनोकामना के लिए करें ये काम
नदी या तालाब के किनारे पांच मिट्टी के छोटे-छोटे बर्तन में दूध और बरगद के पत्ते पर बताशा रखकर अपनी मनोकामना का स्मरण करें. घर के द्वार के दोनों तरफ गोबर से सर्प बना कर, दूर्वा , अक्षत पुष्प दधि से पूजन करें।

धार्मिक महत्व
नाग पंचमी के दिन सर्प देवता की पूजा का महत्व है. इस पूजा में नाग देवताओं को दूध अर्पित करने का विधान है.  नाग पंचमी के दिन महिलाएं अपने परिवार की सुरक्षा के लिए नाग देवता से प्रार्थना करती हैं.  धार्मिक मान्यता के अनुसार सावन महीने की पंचमी तिथि को नाग देवताओं के पूजा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है.  हिंदू धर्म में नाग देवता की पूजा सुख-समृद्धि और सौभाग्य प्रदान करने वाली मानी गई है. मानयता है कि नागपंचमी के दिन नाग देवता की पूजा करने पर व्यक्ति को शत्रुओं का भय नहीं रहता है और उसे अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है. इस दिन कुंडली से जुड़ा कालसर्प दोष भी दूर होता है।