पीले नहीं बल्कि लाल केले की खेती कर किसान होंगे धनवान, कम खर्चे में हर महीने होगी तगड़ी कमाई, देखे पूरी जानकारी

Written by Shweta

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आप लोगो को पता तो होगा ही की केला हमारी सेहत के लिए फायदेमंद फलों में से एक है। क्योकि केले में भरपूर मात्रा में कैलोरी पाई जाती है। इसका उपयोग लोग वजन बढ़ाने और पूजा करने आदि के लिए करते हैं। आपको बता दे की केले की डिमांड पुरे साल ही बनी रहती है जिसकी वजह है कि किसान बड़ी संख्या में केले की खेती करते हैं। लेकिन केले की कई ऐसी किस्म है जिसकी बाजार में सामान्य केले के मुकाबले अधिक मांग होती है। जो सामान्य केले के मुकाबले 1.5 से 2 गुना ज्यादा रेट पर भी मार्केट में बिकते हैं।और इन्हीं केलों में से एक है, लाल केला, आप लाल केले की खेती कर तगड़ा मुनाफा कमा सकते है।

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लाल केले में होते है कई औषधीय गुण

आपको बता दे की लाल केले में विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन बी-6, कार्बोहाइड्रेट, मैग्नीशियम, जिंक, फॉस्फोरस, सोडियम, लोहा, कैल्शियम, पोटैशियम आदि की भरपूर मात्रा पाई जाती है। इसमें कई औषधीय गुण भी मौजूद होते है। यही वजह है कि मार्केट में यह केला ज्यादा रेट में बिकता है। इस केला की पैदावार भी सामान्य केले के मुकाबले दोगुना होती है। इस लिए आप भी लाल केले की खेती कर कम समय में मालामाल हो सकते है जाने लाल केले की खेती के बारे में।

कहा होती है लाल केले की खेती

मिली हुई जानकारी के अनुसार आपको बता दे की लाल केले की खेती सबसे पहले ऑस्ट्रेलिया में की जाती थी, लेकिन धीरे धीरे दुनिया भर में इसकी खेती का विस्तार हुआ। अमेरिका, वेस्ट इंडीज, मैक्सिको आदि देश में भी अब इस खास केले की खेती होने लग गई है। और अब तो भारत के किसान भी लाल केले की खेती कर रहे हैं। केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडू, यूपी राज्य में इस केले की खेती खूब हो रही है। इस केला की मांग की एक बड़ी वजह इसमें बीटा कैरोटीन का पाया जाना भी है। ये केला जितना ज्यादा सुंदर दिखता है, उससे कहीं अधिक सुंदर इसका स्वाद होता है। पीले केले की अपेक्षा अधिक औषधीय गुण की वजह से इसकी डिमांड बहुत ज्यादा है।

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लाल केले की खेती के लिए मिट्टी की तैयारी

आपको बता दे की केले की खेती के लिए अधिक जलधारण वाली दोमट मिट्टी सबसे उचित मानी जाती है। झील, नदी, तालाब आदि की किनारे वाली नम भूमि पर केले की रोपाई कर अच्छी पैदावार प्राप्त कर सकते है।इसके लिए आपको सबसे पहले 50×50×50 सेंटीमीटर के आकार का गड्ढा खोद लेना है।और फिर गड्ढे को गोबर की खाद या जैविक खाद से भर दें।इसके बाद गड्ढे में हल्की सिंचाई कर देना है फिर इसके बाद पौधों की रोपाई शुरू कर दें।

लाल केले की खेती के लिए खाद एवं उर्वरक

आपको मिली हुई जानकारी के अनुसार बता दे की लाल केले की खेती में प्रति पौधा खाद की आवश्यकता 18 से 20 किलोग्राम तक होती है। अगर किसान 100 पौधा लगा रहे हैं तो कम से कम 2000 किलो जैविक खाद की आवश्यकता होती है। खाद एवं उर्वरक का अच्छा लाभ लेने के लिए मिट्टी की जांच जरूर करा लेनी चाहिए। मिट्टी की जांच के अनुसार कृषि सलाहकार से सलाह लेते हुए पोटाश, यूरिया आदि की मात्रा तय करें।जिससे की केले की पैदावार में वृद्धि हो सकती है।

लाल केले की खेती में कब करे सिंचाई

आपको बता दे की गर्मी के समय 15 से 20 दिन के अंतराल पर, जबकि ठंडी के समय 25 से 30 दिन के अंतराल पर सिंचाई करना जरूरी होता है। सिंचाई छिड़काव विधि से किया जाना ही सबसे सही माना जाता है तो आप इस तरीके से केले के पौधो में सिचाई कर सकते है।

लाल केला खेती में पैदावार,और कितनी होगी कमाई

अगर हम लाल केले की पैदावार की बात करे तो लाल केले की पैदावार पीले केले के मुकाबले काफी ज्यादा होती है। आपको बता दे की केले के एक गुच्छे में लगभग 100 केले लगते हैं। बाजार में इस केले का रेट 200 रुपए दर्जन मतलब की 16 रुपए प्रति केला है। अगर किसान इसे थोक भाव में भी बेचे तो तगड़ा मुनाफा कमाया जा सकता है। और हम लाल केले से होने वाली कमाई की बात करें तो एक एकड़ में केले के लगभग 600-700 पेड़ लगाए जा सकते हैं। अगर 500 केले का पेड़ भी सुरक्षित रहता है तो एक केले के पेड़ में 5 से 7 गुच्छे निकलते हैं। एक गुच्छे में 100 केले होते हैं, अगर थोक भाव में किसान 5 रुपए प्रति केले भी बेचे तो 500 रुपए प्रति गुच्छा कमाई होगी। 500 पेड़ में 2500 गुच्छे होंगे। इसलिए सालाना कमाई 2500×500 हो सकती है, इस तरह किसान साल में 12 लाख 50 हजार रुपए कमा सकते हैं। अगर लागत और मेहनत के 4 लाख रुपए कम भी कर दें फिर भी किसान को मुनाफा 8 लाख से 8 लाख 50 हजार रूपये तक हो सकता है।

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