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Mustard Farming: सरसों की खेती से किसानों की होगी मोटी कमाई, जानिए इसकी किस्में और खेती का तरीका

Mustard Farming: सरसों की खेती से किसानों की होगी मोटी कमाई, जानिए इसकी किस्में और खेती का तरीका,  भारत में खाद्य तेलों में सरसों के तेल (Mustard Oil) का इस्तेमाल ज्यादातर घरों में किया जाता है. पिछले दो सालों से सरसों के तेल के दाम (Mustard Oil Price) लगातार आसमान छू रहे हैं, इसकी खेती के लिए किसानों को उन्नत किस्म का चयन करना चाहिए। इससे अच्छी पैदावार के साथ अच्छा मुनाफ़ा भी मिल सकता है। सरसों रबी सीजन की एक प्रमुख नकदी फसल है। इसकी डिमांड मार्केट में सबसे ज्यादा होती है। इसलिए किसान भाई को सरसों की खेती करके अच्छी आमदनी प्राप्त होती है। आइए जानते है सरसों की अच्छी किस्में और खेती के बारे में..

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सरसों की उन्नत किस्में –

आये जानते है सरसों की खेती के लिए कई किस्में होती है, जैसे- सीएमएस आधारित संकर (एनआरसीएचबी-506) और भारतीय सरसों की 08 किस्में (एनआरसीडीआर-02, एनआरसीडीआर-601, एनआरसीएचबी-101, डीआरएमआरआईजे-31, डीआरएमआर-150-35, डीआरएमआर-1165-40, डीआरएमआर-16-38 और डीआरएमआर-2017-18) और पीली सरसों की एक किस्म (एनआरसीवाईएस 05-02) डीआरएमआर द्वारा विकसित की गई हैं। इन सब में से आर एच 30 किस्म सबसे अच्छी किस्म है इससे बुवाई के बाद उपज 16 से 20 क्विंटल प्रति हेक्टेयर मिल सकती है।

Mustard Farming: सरसों की खेती से किसानों की होगी मोटी कमाई, जानिए इसकी किस्में और खेती का तरीका

खेती के लिए मिट्टी –

हम आपको बता दे की वैसे तो इसकी खेती हर मिट्टी में हो जाती है। लेकिन सरसों की फसल उगाने के लिए बलुई दोमट मिट्टी सर्वाधिक उपयुक्त मानी जाती है। दोमट या बलुई भूमि जिसमें जल का निकास अच्छा हो अधिक उपयुक्त होती है। इस मिट्टी में खेती करके सरसों की अच्छी पैदावार ले सकते है।

खेती के लिए जलवायु –

प्रमुख त‍िलहन फसल सरसों का उत्पादन इस साल नई ऊंचाई पर पहुंच सकता है, आपको बता दें इस फसल के अच्छे उत्पादन के लिए 18 से 25 डिग्री ताप की आवश्यकता होती है, सरसो की फसल में फूल अवस्था में यदि वर्षा अधिक आद्रता तथा बादल छाये रहना, फसल के प्रति असहनशील है।

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सरसों की बुवाई का समय –

हम आपको बता दे की सरसों की बुवाई का उपयुक्त समय सितम्बर के अंतिम सप्ताह से अक्टूबर के प्रथम सप्ताह तक है, सरसों की बुवाई देशी हल के पीछे 5 से 6 सेंटीमीटर गहरे कूडो में 45 सेंटीमीटर की दूरी पर करना चाहिए।

खेती के लिए खाद –

सरसो की फसल में किसान डीएपी खाद का इस्तेमाल करते है अपर इन के अलावा भी एक सब से अच्छा खाद है जीन का नाम है सिंगल सुपर फास्फेट जो सरसो की फसल के लिए बेहद जरुरी है। इस खाद का इस्तेमाल किसान सरसो की फसल में करते है तो लागत कम और उत्पादन क्षमता बढ़ जाएगी, देने में तेल की मात्रा अधिक और दाने चमकीले हो जाएगे।

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