Wednesday, October 5, 2022
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Technology Update:एलन मस्क ने टेस्ला के मार्केट कैप को 173 देशो की जीडीपी से ऊपर पहुंचाया,जानिए पूरी खबर

Technology Update:एलन मस्क ने टेस्ला के मार्केट कैप को 173 देशो की जीडीपी से ऊपर पहुंचाया,टेस्ला दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक व्हीकल(ईवी) बनाने वाली कंपनी है। बिजनेस रिपोर्ट्स के अनुसार साल 2021 में टेस्ला ने कुल 65 लाख ईवी कारें दुनिया भर में बेची थीं। इसी टेस्ला के बूते एलन मस्क 16 लाख करोड़ रुपए की नेटवर्थ के साथ दुनिया के सबसे अमीर शख्स बने हुए हैं। मस्क की नेटवर्थ में टेस्ला के साथ-साथ स्पेसएक्स जैसे एम्पायर की भी अहम भूमिका है।

टेस्ला की नेटवर्थ जहां 67 लाख करोड़ रुपए है तो वहीं स्पेसएक्स की नेट वर्थ 9 लाख करोड़ है। हालांकि, एलन मस्क फिलहाल अपनी दौलत की वजह से नहीं, शादी से इतर संबंधों की वजह से चर्चा में हैं। एलन अपने दोस्त और गूगल के को- फाउंडर सर्गेई ब्रिन की पत्नी से संबंधों के कारण इन दिनों सुर्खियों में हैं। इसी वजह से सर्गेई और मस्क की दोस्ती खत्म हो चुकी है।

इन्हीं चर्चाओं-विवादों के बीच, आज जानिए मस्क के मेगा एंपायर के बारे में

2003 में दो इंजीनियर्स ने शुरू की थी टेस्ला

दुनिया के बहुत से लोगों को लगता है कि टेस्ला के फाउंडर एलन मस्क हैं, लेकिन ये सच नहीं है। साल था 2003, जब दो इंजीनियर्स मार्टिन एबरहार्ड और मार्क टारपैनिंग ने टेस्ला मोटर्स शुरू की। कंपनी का नाम महान फिजिसिस्ट निकोला टेस्ला पर रखा गया। जब आगे चलकर फंडिंग की जरूरत पड़ी तो फरवरी 2004 में एलन मस्क ने इसमें 75 लाख डॉलर (उस वक्त के करीब 33 करोड़ रुपए) का इन्वेस्टमेंट किया। इस इन्वेस्टमेंट के साथ ही एलन टेस्ला के चेयरमैन भी बन गए।

2008 में जब अमेरिका मंदी में था…मस्क के सितारे बुलंदियों की ओर थे

2008 में बाकी दुनिया के साथ-साथ टेस्ला भी वित्तीय संकट से दबाव महसूस कर रही थी। इसी का फायदा उठाते हुए मस्क ने घोषणा करते हुए कहा कि वह कंपनी का अधिग्रहण करेंगे। अक्टूबर 2008 में एलन टेस्ला के सीईओ बन गए। तब तक वो कंपनी में 7 करोड़ डॉलर (करीब 300 करोड़ रुपए) का इन्वेस्टमेंट कर चुके थे।

बाद में एक वक्त ऐसा आया जब टेस्ला को लोन लेना पड़ गया। टेस्ला ने 2009 में अमेरिकी सरकार से 46.5 करोड़ डॉलर (करीब 220 करोड़ रुपए) का लोन लिया। लोन मिलते ही अगले साल जून 2010 में टेस्ला ने अपना आईपीओ लॉन्च किया। इसके आते ही कंपनी के शेयर 1,229% बढ़ गए। जो लोन टेस्ला ने 2009 में लिया था उसे 2013 में पूरा चुका दिया।

सीईओ मस्क को हफ्ते में 120 घंटे काम करने की लत

कुछ लोग मानते हैं कि एलन मस्क के मन को पढ़ा नहीं जा सकता और उनके व्यवहार का पूर्वानुमान मुश्किल है। लेकिन इसका उनके काम पर ज़रा भी असर नहीं दिखता। बतौर उद्यमी वे एक दूरदर्शी इंसान हैं। मस्क को क़रीब से जानने वाले कहते हैं कि उन्हें काम करने की लत है। टेस्ला मॉडल-3 को तैयार करते समय उन्होंने कहा था कि वे हफ्ते में 120 घंटे काम करते हैं और उसमें उन्हें मजा आता है।

टेस्ला पर बेअसर रही थी कोरोना महामारी

2020 में दुनियाभर में कोरोना ने जमकर तबाही मचाई। लेकिन इसका असर टेस्ला पर नहीं पड़ा। 2 जनवरी 2020 को टेस्ला के शेयर की कीमत 6,300 रुपए थी। जो 8 जनवरी 2021 को बढ़कर 60,000 रुपए हो गई। मतलब, सालभर में कंपनी के शेयर की कीमत करीब 850% बढ़ गई। सिर्फ शेयर की कीमत ही नहीं, कंपनी का मुनाफा भी जबरदस्त बढ़ा। 31 दिसंबर 2019 की तिमाही में कंपनी को 827 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। जो सितंबर 2020 में बढ़कर 2,198 करोड़ रुपए हो गया। यानी, मुनाफा भी 165% से ज्यादा बढ़ा। इसी तरह सितंबर 2020 में कंपनी का रेवेन्यू 64 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का रहा।

बैंक में पड़े पैसों को सफलता का पैमाना नहीं मानते सीईओ मस्क

मस्क कार उद्योग में क्रांतिकारी बदलाव लाना चाहते हैं, वे मंगल ग्रह पर कॉलोनी बनाना चाहते हैं, वैक्यूम टनल में चलने वाली सुपर-फ़ास्ट ट्रेनें चलाना चाहते हैं, मनुष्यों के दिमाग से एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को जोड़ना चाहते हैं और सोलर एनर्जी से दुनिया चलाना चाहते हैं। मस्क चाहते हैं कि लोग उन्हें एक निवेशक से ज्यादा, एक इंजीनियर के रूप में जानें। वो हर सुबह किसी नई तकनीकी समस्या का हल ढूंढने के लिए उठना चाहते हैं। मस्क कहते हैं कि बैंक में कितना पैसा है, यह सफलता का पैमाना नहीं है।

2020 में टेस्ला लेकर आई दुनिया की सबसे तेज कार

लगातार विवादों में रहने के बावजूद मस्क अपनी कंपनियों में इनोवेशन जारी रखते हैं। टेस्ला ने 2020 में एक नया रोडस्टर मॉडल लॉन्च किया। यह दुनिया में अब तक की सबसे तेज इलेक्ट्रिक कार थी। केवल 1.9 सैकंड में 0 से 60 मील प्रति घंटे तक जाने में सक्षम। टेस्ला की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार इस कार का दूसरा अपडेटेड मॉडल रोडस्टर नाम से ही 2023 में आएगा।

टेस्ला की भारत में एंट्री मुश्किल

भारत में एंट्री को लेकर टेस्ला कई बार चर्चाओं में रही है। हालांकि, एंट्री ना मिल पाने की मुख्य वजह मस्क ने एक दफा ट्वीट कर बताई थी। उन्होंने ट्वीट में लिखा था कि जब तक कंपनी को दक्षिण एशियाई देश में इंपोर्टेड कारों को बेचने और सर्विसिंग की मंजूरी नहीं दी जाती है, तब तक वहां कार प्लांट स्थापित नहीं हो सकता है।

एलन मस्क की इस प्रतिक्रिया से पता चला था कि भारत और टेस्ला के बीच देश में मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट पर अभी भी गतिरोध है। अप्रैल 2022 में रोड ट्रांसपोर्ट और हाईवे मिनिस्टर नितिन गडकरी ने कहा था कि अगर टेस्ला भारत में अपने इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का निर्माण करने के लिए तैयार हैं, तो कोई समस्या नहीं है, लेकिन कंपनी को चीन से कारों का इंपोर्ट नहीं करना चाहिए।

मस्क के सर्वाधिक चर्चित इनोवेशन

1) हाइपरलूप- सबके लिए ओपन कर दी डिजाइन

वैक्यूम ट्यूब में हवा के दबाव का इस्तेमाल करके यात्रा करने की इस तकनीक को 2012 में मस्क ही दुनिया के सामने लाए थे। एलन ने हाइपरलूप की बेसिक डिजाइन दुनिया के सामने रखी थी और इसे ओपन रखा था।

2) सोलरसिटी- सोलर पैनल लगाने वाली दूसरी बड़ी कंपनी

मस्क की सलाह पर ही एलन के चचेरे भाई लिंडन राइव ने सोलरसिटी की स्थापना की थी। 2013 तक सोलरसिटी अमेरिका में सोलर पैनल लगाने वाली सबसे बड़ी कंपनी बन चुकी थी।

3) स्पेसएक्स- सस्ती तकनीक पर फोकस

अंतरिक्ष में यात्रा के लिए एलन ने कंपनी शुरू की। शुरू में मस्क ने रूस से सस्ते रॉकेट्स खरीदे, लेकिन बाद में वापस कर दिए। स्पेसएक्स की स्थापना के साथ स्पेसएक्स ने 85 प्रतिशत हार्डवेयर खुद ही बनाना शुरू कर दिया।

मस्क का सबसे बड़ा सपना– मंगल ग्रह पर बेस बनाना

मस्क मंगल ग्रह पर एक बेस बनाना चाहते हैं। ये उनका सबसे बड़ा सपना है। मस्क ने एक इंटरव्यू में कहा था कि वो इसके लिए अपनी पूंजी का सबसे बड़ा हिस्सा लगाना चाहते हैं और उन्हें कोई आश्चर्य नहीं होगा अगर उन्होंने इस मिशन को सफल बनाने में अपनी सारी पूंजी लगा दी। मस्क के अनुसार, मंगल ग्रह पर मनुष्यों का एक बेस, बहुत बड़ी सफलता होगी। मस्क कहते हैं कि न्यूक्लियर वॉर या किसी एस्टेरॉयड के टकराने से पृथ्वी का अस्तित्व खतरे में आ जाए, ऐसी स्थिति में हमारे लिए सबसे सही मंगल ग्रह ही है।

सीईओ मस्क से जुड़े विवाद

1. यौन उत्पीड़न का आरोप

साल 2016 में टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगा था। उन पर यह आरोप लगाने वाली स्पेसएक्स की एक फ्लाइट अटेंडेंट थीं। इस मामले को दबाने के लिए एलन ने साल 2018 में अटेंडेंट को 2 लाख 50 हजार डॉलर यानी लगभग 1.93 करोड़ रुपए का भुगतान किया था।

2. जॉनी डेप ने लगाया था एक्स वाइफ से संबंध का आरोप

मशहूर अमेरिकन एक्टर जॉनी डेप ने यूके में साल 2020 में एलन मस्क पर अपनी एक्स वाइफ एम्बर हर्ड के साथ संबंध रखने का आरोप लगाया। इन दोनों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी खासा वायरल हुआ था। यह वीडियो जॉनी डेप के पेंटहाउस की लिफ्ट में एम्बर और एलन को साथ में रोमांटिक होने का था।